Plagiarism / साहित्यिक चोरी
- Mridula Sharma
- Jan 30, 2025
- 5 min read
साहित्यिक चोरी(Plagiarism)
साहित्यिक चोरी एक प्रकार की धोखाधड़ी है और यह एक गंभीर शैक्षणिक अपराध है। यह बौद्धिक बेईमानी का कार्य है, और यह चोरी का एक रूप है जो शिक्षा के नियमों के विरुद्ध है। यह तब होता है जब शोधकर्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया कार्य उसका अपना नहीं होता है और किसी अन्य स्रोत से लिया गया होता है। इसमें उचित उद्धरण और संदर्भ के बिना चित्र, ऑडियो, वीडियो, स्प्रेडशीट, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन आदि शामिल हो सकते हैं। किसी भी रूप में प्रकाशित और अप्रकाशित सामग्री साहित्यिक चोरी मानी जाती है।
साहित्यिक चोरी के प्रकार-
1.प्रत्यक्ष साहित्यिक चोरी (Direct plagiarism)
इसमें किसी दूसरे व्यक्ति के काम को बिना कुछ बदले सीधे कॉपी करना शामिल है। इस कॉपी किए गए काम को लेखक/स्रोत की स्वीकृति के बिना या उद्धरण चिह्नों में संलग्न किए बिना अपने खुद के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
2.सहयोग या योगदान देने वाले लेखक की साहित्यिक चोरी(Collaboration or contributing author plagiarism)
इस प्रकार की साहित्यिक चोरी तब होती है। जब कई लेखक किसी प्रोजेक्ट को लिखने में योगदान देते हैं, लेकिन अंत में पूरे प्रोजेक्ट का श्रेय केवल एक व्यक्ति (शोध कर्ता) ले लेता है।
3.एकत्रित साहित्यिक चोरी (Aggregated plagiarism)
इस प्रकार की साहित्यिक चोरी में शोध कर्ता स्वयं के कार्य से संबंधित संदर्भ और साइटेशन का उल्लेख न करते हुए किसी भी अन्य स्रोत से संदर्भों को ले लेता है। जिसके कारण उसके द्वारा किया गया कार्य भिन्न-भिन्न स्रोतों से तो ले लिया जाता है। लेकिन उसमें वास्तविक स्रोतों के संदर्भ का अभाव होता है।
4.मोज़ेक साहित्यिक चोरी (Mosaic Plagiarism)
इस प्रकार की साहित्यिक चोरी मे शोधकर्ता अपने शोध कार्य में किसी अन्य के विचारों को बिना किसी उद्धरण चिन्ह के प्रयोग में ले लेता है या समानार्थी शब्दों का प्रयोग कर दूसरे के विचारों को अपने कार्य में प्रयुक्त कर लेता है, लेकिन अर्थ वही समान ही रहता है।
5.आकस्मिक साहित्यिक चोरी (Accidental Plagiarism)
आकस्मिक साहित्यिक चोरी तब होती है जब शोधकर्ता वास्तव में यह नहीं समझते हैं कि अपने शोध को सही ढंग से कैसे उद्धृत, पैराफ्रेज और साइट(cite) किया जाए। जब शोधकर्ता त्रुटि पूर्ण तरीके से विषय सामग्री को पैराफ्रेज करता है या पैराफ्रेज की गई जानकारी का हवाला नहीं देता है या गलती से अपने स्रोतों को सही ढंग से उद्धृत करने में विफल हो जाते हैं।
6.रूपरेखा की चोरी (Outline plagiarism)
इस प्रकार की साहित्यिक चोरी में, शोधकर्ता किसी अन्य शोध या रिपोर्ट से रूपरेखा और लेआउट की हूबहू नकल करता है।
7.स्व-साहित्यिक चोरी (Outline plagiarism)
इस प्रकार की साहित्यिक चोरी में शोधकर्ता स्वयं के पूर्व में किए गए कार्य या विषय लेख सामग्री का अनावश्यक उपयोग करना है। इसमें शोधकर्ता अपने स्वयं के कार्य में कुछ आमूल चूल शब्दों का परिवर्तन कर पुनः उपयोग अपने शोध कार्य में करता है। हालांकि यह अन्य व्यक्तियों के विचारों की वास्तविक चोरी की सीमा से अलग है। लेकिन शोध और शोध प्रकाशन के क्षेत्र में यह कई समस्याओं को जन्म दे सकता है।
8.ग्रंथ सूची में पैडिंग करना (Padding a bibliography)
इस प्रकार की साहित्यिक चोरी में संदर्भ सूची में बड़ी संख्या में स्रोतों का उल्लेख करना शामिल है, जो पाठक को संपूर्ण शोध का गलत आभास देता है। शोधकर्ता शोध के दौरान शोध सामग्री से संबंधित संदर्भों को संकलित करना भूल जाता है और अंतिम समय में जल्दबाजी में वह उन संदर्भों का उल्लेख कर देते हैं जिन पर उन्होंने शोध नहीं किया है।
9.वैश्विक साहित्यिक चोरी (Global plagiarism)
इस प्रकार की साहित्यिक चोरी में किसी और के काम को समग्र रूप से लेना और उसे अपना काम बताना शामिल है। इसमें विषय के ज्ञान वाले किसी दूसरे व्यक्ति, जैसे कि किसी मित्र या सहपाठी से काम लिखवाना, साथ ही किसी कंपनी से शोध खरीदना शामिल है।
10.गलत उद्धृत (Misquoted citation)
उद्धरण, गलत उद्धृत उद्धरण तब होता है जब शोधकर्ता लेखक द्वारा लिखे गए सटीक शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है या कुछ जोड़ देता है।
साहित्यिक चोरी से बचने के उपाय
1.स्रोतों की एक विस्तृत श्रृंखला का उपयोग करना
शोधार्थी को अपने शोध कार्य के लिए शोध समस्या से संबंधित कई शोध स्रोतों का अध्ययन करना चाहिए जिससे वह अपने विषय पर दृष्टिकोण को व्यापक बना पाएंगे। किसी विशिष्ट विषय पर अधिक स्रोतों से पढ़ने के पश्चात शोधार्थी स्वयं के बेहतर विचार प्रस्तुत कर पाएंगे। स्वयं को केवल कुछ स्रोतों तक सीमित रखने पर शोधार्थी को अपने विचार लिखने में कठिनाई होती है।
2.अपनी स्वयं की अनूठी शैली विकसित करें
शोधार्थी के पास लिखने की अपनी शैली होनी चाहिए। जिससे शोधार्थी अपने विचारों को अपने शब्दों में सही तरीके से प्रकट कर सके।
3.उद्धरण और संदर्भ
आकस्मिक साहित्यिक चोरी से बचने का सबसे आसान तरीका है कि शोधार्थी अपने असाइनमेंट के मुख्य भाग में हर उस भाग को इंगित करें जो उसका अपना नहीं है। स्रोतों का पूरा विवरण देना चाहिए, इसे उद्धरण और संदर्भ देना कहते हैं।
4.नोट्स लेना
जब शोधार्थी साहित्य की समीक्षा कर रहे हों या किसी असाइनमेंट के लिए पढ़ रहे हों, तो पुस्तकों और पत्रिकाओं के लेखक, शीर्षक और पृष्ठ संख्याओं और वेबसाइटों के वेब पते के बारे में नोट्स लेने चाहिए। इससे 2 प्रभाव होंगे: यह अंत में आपका समय बचाएगा जब आप संदर्भ सूची तैयार कर रहे होंगे। इसके अतिरिक्त यह है शोधार्थी के सभी स्रोतों की जानकारी को व्यवस्थित करेंगे जिससे कभी भी उनकी आवश्यकता पड़ने पर वह उन्हें ढूंढ सके।
5.उद्धरण चिह्नों का उपयोग करें
साहित्यिक चोरी से बचने का एक आसान तरीका है कि दूसरे स्रोत से सीधे कॉपी की गई सामग्री को उद्धरण चिह्नों के बीच रखें। इस तरह पाठक को उस काम के बारे में पता चल जाएगा जो आपका नहीं है।
6.प्रूफरीड
एक बार जब आपका काम पूरा हो जाता है तो उसे ध्यान से देखने में बहुत अधिक समय नहीं लगता है, लेकिन ऐसा करने का लाभ बहुत अधिक है। आपके काम के साथ कई मुद्दे तब अधिक दिखाई देंगे जब आप टाइप करते समय इसे जांचने के बजाय प्रूफरीडिंग कर रहे होंगे।
7.अपना काम स्वयं करना प्राथमिकता बनाएं
शोधार्थी को अपने शोध कार्य के लिए किसी पर निर्भर नहीं होना चाहिए। उसे अपना कार्य स्वयं ही करना चाहिए जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो सकती है।
8.जल्दी काम करना शुरू करें
शोध कार्य एक को करना एक लंबी यात्रा है लेकिन शोधार्थी को जल्दी से जल्दी इसे प्रारंभ कर देना चाहिए, जिससे उसे स्रोत सामग्री को पढ़ने, समझने और स्वयं के विचारों को निर्मित करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध हो जाता है। कार्य में लापरवाही ना करते हुए कार्य जल्दी शुरू करने पर डाटा एकत्रीकरण का भी पर्याप्त समय उसे मिल जाता है जिससे अंतिम समय में वह साहित्यिक चोरी से बच सकता है।
9.साहित्यिक चोरी जांचकर्ता का उपयोग करना
अपना अंतिम मसौदा तैयार करने के बाद, अपने काम पर साहित्यिक चोरी के स्तर का अंदाजा लगाने के लिए इसे किसी एक निःशुल्क साहित्यिक चोरी जांचकर्ता के माध्यम से जांच लेना चाहिए। यदि आप गलती से किसी स्रोत का हवाला देना या संदर्भ देना भूल जाते हैं, तो आपके पास अंतिम सबमिशन से पहले त्रुटि को ठीक करने के लिए पहले से सूचना होगी।
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